पूरे रामायण में सबसे विचित्र पात्र किसको माना जाता है
आचार्य पंडित दशरथ दुबे 9918 670 276

रामचरितमानस या रामायण में ‘विचित्र’ (अद्भुत या अनोखे) पात्र के रूप में अक्सर जामवंत का उल्लेख किया जाता है। उनके चरित्र को विचित्र और विशिष्ट मानने के प्रमुख कारण हैं:
चिरंजीवी और युगद्रष्टा: वे सतयुग से लेकर त्रेतायुग (राम काल) तक जीवित थे और द्वापर (कृष्ण काल) में भी उपस्थित थे।
ब्रह्माजी के मानस पुत्र: उनकी उत्पत्ति सीधे ब्रह्माजी से बताई गई है, जो उन्हें अन्य योद्धाओं से अलग और अत्यंत शक्तिशाली बनाती है।
बुद्धिमान और ज्ञानी: उन्हें रामायण का सबसे बुद्धिमान पात्र माना जाता है, जो समय पड़ने पर भगवान राम और हनुमान जी को भी उचित परामर्श देते हैं।
योद्धा: वे न केवल ज्ञानी थे, बल्कि अत्यंत शक्तिशाली योद्धा भी थे, जिन्होंने रावण के साथ भी युद्ध किया था।
इसके अलावा, हनुमान जी के चरित्र को भी बहुत विचित्र (अद्भुत) माना जाता है, जो राम नाम जपने से ही भगवान के दर्शन पा लेते हैं और अपनी शक्तियों के बावजूद अत्यंत विनम्र रहते हैं।
जय जय सीताराम

