ग्राम देवता मूर्ति स्थानांतरण की विधि

करने के लिए शास्त्रीय और पारंपरिक ग्रामीण विधियों का पालन करना आवश्यक है। यह प्रक्रिया प्रेम, श्रद्धा और नियमानुसार होनी चाहिए।
स्थानांतरण की मुख्य विधि:
अनुमति मांगना: सबसे पहले, पुराने स्थान पर जाकर डीह बाबा से स्थान छोड़ने की प्रार्थना करें। उन्हें बताएं कि आप उन्हें नए स्थान पर ले जा रहे हैं।
भोग और विसर्जन (बिदाई): उन्हें भोग (जैसे हलवा-पूरी, दही) अर्पित करें और नारियल फोड़कर विसर्जन की अनुमति मांगें।
मिट्टी या प्रतीक स्थानांतरण: पुरानी जगह की थोड़ी मिट्टी या वहां स्थापित पत्थर को एक पवित्र कपड़े में रखकर नए स्थान पर ले जाएं।
स्थापना: नए स्थान पर विधि-विधान से पूजा (जैसे ‘ओंग्’ उच्चारण के साथ) कर उन्हें पुनः स्थापित करें। आप इसे किसी मंदिर में, विष्णु जैसे किसी देवता के सामने भी कर सकते हैं।
समय: प्रतिष्ठा के लिए स्थिर लग्न (2, 5, 8, 11) या शुभ तिथियां जैसे द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी और पूर्णिमा उपयुक्त हैं
नोट: यह प्रक्रिया किसी जानकार स्थानीय पुजारी या गांव के बुजुर्गों की देखरेख में करना उत्त


