
श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन
गीता नगर अकोला महाराष्ट्र के गजानन मंदिर पर श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया है जिसमें बड़ी तादाद में भागवत प्रेमी पहुंचकर श्रीमद् भागवत से निकल रहे अमृत का पान कर रहे हैं
कथा के आचार्य पंडित दशरथ धर दुबे ने कल की कथा में बताया कि मानव जीवन सार्थक तब होता है जब वह भगवान श्री कृष्ण की लीला श्रवण करता है
भगवान श्री कृष्ण की लीला श्रवण करने से मानव जीते जी मोक्ष को प्राप्त कर लेता है
और भगवान को प्राप्त करने के लिए नौ प्रकार की भक्ति को भी बतलाया इसी नव प्रकार की भक्ति से असुर पुत्र प्रहलाद भगवान के बहुत बड़े भक्त हुए
क्योंकि प्रहलाद जी जब अपने माता के गर्भ में थे तो जैसा कि नारद जी को पता था त्रिकालदर्शी थे असुर पत्नी के गर्भ में पल रहा पलक भगवान का भक्त होगा
पिता हिरण्यकश्यप को तपस्या करने जाने पर माता कयाधु को नारद जी अपने आश्रम ले आते हैं और प्रतिदिन भागवत की कथा को सुनाया करते थे जिससे गर्भ में पल रहा बालक धार्मिक हुआ



