अवैध खनन पर लीपापोती, 10 वर्षीय मासूम की मौत के बाद भी बचाव में जुटा तंत्र
चीफ ब्यूरो सिद्धांत फास्ट न्यूज़ जौनपुर
जनपद जौनपुर की तहसील मड़ियाहूं अंतर्गत गंधौना गांव से सामने आया अवैध खनन का मामला प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
मुख्यमंत्री पोर्टल (IGRS) संख्या 400019425083777 पर ग्राम समाज की भूमि से अवैध मिट्टी खनन की शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन जांच के नाम पर जो रिपोर्ट सामने आई, उसने “चोर-चोर मौसेरे भाई” वाली कहावत को चरितार्थ कर दिया।
शिकायत में आरोप था कि खनन माफियाओं ने हाईटेंशन विद्युत खंभे के ठीक नीचे गहरा गड्ढा खोदकर ग्राम समाज की जमीन से मिट्टी निकालकर खुलेआम बेच दी। इसी खतरनाक गड्ढे में गिरने से 10 वर्षीय मासूम बालक की डूबकर मौत हो गई। यह घटना पूरे गांव को झकझोर देने वाली है।
हाईटेशन खंभे से सटकर मिट्टी खनन करना अवैध है
इसके बावजूद लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट में लिख दिया कि “वर्तमान में खनन नहीं हो रहा है”। जो भी खनन हुआ है वह काश्तकारों के जमीन से हुआ है ,
ग्राम समाज की मिट्टी जो निकली वह किसके आदेश पर इसका दोषी कौन ,
खनन का मानक क्या है इतनी गहराई से मिट्टी कैसे निकली ,परमिसन रिपोर्ट कहा है यह वर्तमान लेखपाल ने तो दर्शाया ही नही , आख्या में कही जिक्र ही नही किया ,
सवाल यह नहीं कि आज खनन हो रहा है या नहीं, बल्कि सवाल यह है कि खनन हुआ या नहीं, गड्ढा किसने खोदा, मिट्टी कहां गई और मासूम की मौत का जिम्मेदार कौन है? रिपोर्ट इन बुनियादी सवालों से बचती नजर आई।
आखिर खनन का परमिसन किसने दिया , किसने रिपोर्ट लगाई ,
ग्रामीणों का आरोप है कि जांच में जानबूझकर तथ्यों को नजरअंदाज किया गया और खनन माफियाओं को बचाने की कोशिश की गई। हाईटेंशन लाइन के नीचे बना जानलेवा गड्ढा आज भी सच्चाई बयां कर रहा है, लेकिन कागजों में सब कुछ “साफ” दिखाने का प्रयास किया गया।
मामले ने तूल पकड़ लिया है। ग्रामीणों ने लेखपाल की रिपोर्ट को भ्रामक बताते हुए निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग किया है
साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो मामला उच्चाधिकारियों और न्यायालय तक ले जाया जाएगा।
अब बड़ा सवाल यही है—
क्या मासूम की मौत पर भी प्रशासन आंख मूंदे रहेगा या अवैध खनन के इस काले खेल का पर्दाफाश होगा सुबह के हर तहसील में लेखपालों के द्वारा मनमानी ढंग से रिपोर्ट लगा करके हर कार्य को समाप्त कर दिया जाता है जिससे सरकार बदनाम हो रही है सरकार को चाहिए इस पर विशेष रूप से ध्यान दें
