
श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन
गीता नगर अकोला महाराष्ट्र के गजानन मंदिर में चल रहे श्रीमद् भागवत की कथा के पांचवें दिन दूर दरार से आए हुए भक्त लोग भगवान श्री कृष्णा के जन्म उत्सव की कथा को सुनकर झूम उठे
आचार्य पंडित दशरथ दुबे जी ने बताया कि भगवान श्री कृष्णा और गोपियों का संबंध केवल और केवल मां वाला संबंध था
पूछने पर बताया कि इतनी गोपिया कहां से आई बताया कि भगवान राम जब 14 वर्ष के लिए वन में जा रहे थे तो क्षेत्र में जो साधु और संत थे भगवान की मनमोहक छवि को देखकर विचार करते हैं
काश हम उनकी पत्नी के रूप में होते तो कैसा होता भगवान ने कहा कृष्ण अवतार में आपकी यह मनोकामना पूरी होगी
भगवान जब वामन रूप में राजा बलि के यहां गए हुए थे दैत्य कन्याओं ने यही विचार किया तो भगवान ने कहा कि ठीक है कृष्ण अवतार में आपकी की कामना पुरी होगी
समुद्र मंथन के समय पर्वत समुद्र में नीचे बैठ रहा था तो भगवान कछप का रूप पकड़ कर उसे बचाने के लिए समुद्र में जब गए तो यही भाव मत्स्य कन्याओं में भी जगा भगवान ने कहा कि ठीक है कृष्ण अवतार में आपकी मनोकामना की पूर्ति होगी
इसके अलावा चारों वेद में तीन कांड है ज्ञान कांड उपासना कांड और कर्मकांड 80000 मंत्र कर्मकांड में 16000 मंत्र उपासना कांड में 80000 कर्मकांड के जो वेद मंत्र है यह भी ब्रजमंडल में गोपी बनकर आए
कथा का समापन 29 अक्टूबर को होगा


