
चीप ब्यूरो सिद्धांत फास्ट न्यूज़
श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन
बड़ागांव ग्राम वरही डीह नेवादा मैं चल रहे श्रीमद् भागवत की कथा के षस्टम दिवस पर श्रोताओं ने भगवान श्री कृष्ण की लीला रूपी कथा को श्रवण कर अपने को सत्कर्म प्रेमी माना
इस कथा का आयोजन बरही निवासी ठाकुर नागेंद्र सिंह ने किया है इस कथा में श्रोता समय से पहले आकर आसीन हो जाते हैं और भगवान की लीला श्रवण करने की उनमें ललक जैसे लगी रहती है
कथावाचक दशरथ महाराज जी के मुखारविंद से श्रोता कथा को श्रवण कर झूम उठते हैं और बीच-बीच में जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा का कीर्तन भी करने लगते हैं
कल कथा के छठवें दिन महाराज जी ने सुदामा चरित्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सुदामा निर्धन जरूर थे लेकिन वह कभी किसी के यहां जाकर के कुछ मांगते नहीं थे
पत्नी सुशीला के प्रेरित करने पर भगवान श्री कृष्णा जो उनके शखा थे द्वारका पुरी जाते हैं तो केवल भगवान का दर्शन करते हैं और भगवान उनकी पूजा करते हैं
वहां भी भगवान श्री कृष्ण से सुदामा जी ने कुछ भी नहीं मांगा जिस दशा में गए हुए थे इस दशा में भगवान के धाम से वापस आ जाते हैं चाहते तो द्वारका पुरी स्वर्ण की बनी हुई थी बहुत सा स्वर्ण इत्यादि मांग लेते
लेकिन सुदामा जी एक भी तोला स्वर्ण आदि को मांग नहीं पाए क्योंकि उनकी आदत थी किसी से कुछ भी नहीं मांगते थे इस कथा का समापन 1 अक्टूबर 2026 को होगा

