उत्तरप्रदेश

दुर्गा जी के 9 स्वरूप का वर्णन

आचार्य पंडित दशरथ दुबे 99 18617 276

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जिला संवाददाता विनय तिवारी ने आज आचार्य पंडित दशरथ दुबे जी से श्री दुर्गा जी के 9 नाम की महिमा के बारे में जानकारी ली जो इस प्रकार है
नवरात्रि के नौ दिनों में देवी के इन रूपों की पूजा की जाती है:
शैलपुत्री: पार्वती, हिमालय की पुत्री।
ब्रह्मचारिणी: तप का आचरण करने वाली।
चंद्रघंटा: घंटे के आकार के चंद्रमा वाली।
कूष्मांडा: ब्रह्मांड को उत्पन्न करने वाली (कद्दू रूप)।
स्कंदमाता: कार्तिकेय की माँ।
कात्यायनी: कात्य गोत्र में उत्पन्न।
कालरात्रि: अंधकार का नाश करने वाली।
महागौरी: अत्यंत गौर वर्ण वाली।
सिद्धिदात्री: सिद्धियों को देने वाली।
देवी दुर्गा के 108 नाम (प्रमुख)
सती: अग्नि में जल कर भी जीवित होने वाली।
भवप्रीता: भगवान शिव पर प्रीति रखने वाली।
भवानी: ब्रह्मांड की निवास।
भवमोचनी: संसार बंधनों से मुक्त करने वाली।
आर्या: देवी।
जया: विजयी।
आद्या: शुरुआत की वास्तविकता।
त्रिनेत्र: तीन आँखों वाली।
सर्वमन्त्रमयी: सभी मंत्रों का ज्ञान रखने वाली।
शाम्भवी: शिवप्रिया।
देवी के इन नामों का जाप करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि आती है।

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