राक्षस कुल में जन्म लेने पर भी विभीषण धार्मिक कैसे हुआ
आचार्य पंडित दशरथ दुबे जी ने बताया

पौराणिक कथाओं के अनुसार, रावण के भाई विभीषण पूर्व जन्म में कैकय देश के राजा प्रतापभानु के मंत्री धर्मरुचि थे। वे एक धर्मात्मा और नीतिवान व्यक्ति थे, जिन्होंने अनजाने में राजा के पाप का भागी बनने के कारण राक्षस कुल में जन्म लिया, लेकिन अपने धर्मपरायण स्वभाव के कारण वे श्री राम के परम भक्त बने।
विभीषण के पूर्व जन्म से जुड़ी मुख्य बातें:
पूर्व नाम: धर्मरुचि (एक ज्ञानी और धर्मपरायण मंत्री)।
पूर्व जन्म की कथा: राजा प्रतापभानु (रावण) के समय में, जब प्रतापभानु ने ऋषियों के श्राप के कारण राक्षस के रूप में जन्म लिया, तब उनके मंत्री धर्मरुचि ने भी पाप के फलस्वरूप राक्षस कुल में जन्म लिया।
विशेषता: राक्षस वंश में जन्म लेने के बावजूद, विभीषण अपने पूर्व जन्म के संस्कार के कारण धर्मात्मा, जितेंद्रिय और श्री हरि के भक्त बने रहे।
संबंधित पात्र: उनके बड़े भाई रावण और कुंभकर्ण पूर्व जन्म में प्रतापभानु और अरिमर्दन थे।
कुछ कथाओं में यह भी उल्लेख मिलता है कि वे पिछले जन्म में एक तपस्वी थे।



