उत्तरप्रदेश

राजा दशरथ जी श्रवण जी को शब्दभेदी बाण मारते हैं कारण क्या है

आचार्य पंडित दशरथ दुबे 9918 670 276

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सिद्धांत फास्ट न्यूज़ के जिला संवाददाता विनय तिवारी आचार्य पंडित दशरथ दुबे जी से जानना चाह रहे हैं की श्रवण जी को शब्द भेदी बाण से मारते हैं महाराजा दशरथ जी कारण क्या है आचार्य जी ने बताया की
राजा दशरथ द्वारा श्रवण कुमार को बाण मारने का कारण गलतफहमी (शिकार के दौरान धोखा) थी। यह घटना अनजाने में हुई थी, न कि जानबूझकर।
मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
शिकार के दौरान धोखा: राजा दशरथ अँधेरी रात में सरयू नदी के तट पर शिकार कर रहे थे। श्रवण कुमार अपने अंधे माता-पिता के लिए नदी से पानी भर रहे थे।
शब्दभेदी बाण का प्रयोग: दशरथ शब्दभेदी बाण (आवाज सुनकर लक्ष्य पर बाण चलाना) चलाने में निपुण थे। जब श्रवण कुमार घड़े में पानी भर रहे थे, तो उसकी आवाज (गड़गड़ाहट) सुनकर राजा दशरथ को लगा कि कोई जंगली जानवर या हाथी पानी पी रहा है।
अनजाने में हत्या: इसी गलतफहमी में उन्होंने बाण चलाया, जो जाकर सीधे श्रवण कुमार की छाती में लगा।
परिणाम (श्राप):
इस घटना के बाद, श्रवण कुमार के अंधे माता-पिता ने राजा दशरथ को यह श्राप दिया था कि जैसे आज वे अपने पुत्र के वियोग में तड़पकर मर रहे हैं, वैसे ही राजा दशरथ की मृत्यु भी पुत्र वियोग (राम से अलग होने के दुःख) में होगी। यही कारण बना कि आगे चलकर राम के वनवास के समय राजा दशरथ ने प्राण त्याग दिए।


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