
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार (दरवाजे) के पास या घर के सामने अनार का पौधा लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह सुख-समृद्धि, लक्ष्मी का वास, और वंश वृद्धि का प्रतीक है, लेकिन इसे मुख्य द्वार के ठीक सामने लगाने से बचना चाहिए।
अनार के वृक्ष के लिए मुख्य वास्तु नियम:
दिशा: अनार का पौधा घर के बाहर अग्निकोण (दक्षिण-पूर्व) में लगाना सबसे अच्छा है।
स्थान: इसे मुख्य द्वार के दाएं (Right) ओर लगाना शुभ माना जाता है, जिससे लक्ष्मी का वास बना रहता है।
सावधानी: इसे घर के ठीक बीचों-बीच (ब्रह्म स्थान), उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण) या दक्षिण दिशा में बिल्कुल न लगाएं।
द्वारवेध: अनार के पेड़ की छाया मुख्य दरवाजे पर नहीं पड़नी चाहिए।
रखरखाव: यदि अनार का पौधा सूख जाए, तो उसे तुरंत हटाकर नया लगा दें, क्योंकि सूखा पौधा दु:ख का प्रतीक है।
अनार का पौधा घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है और धन संबंधी समस्याओं को दूर करता है


